IPS क्या होता हैं? IPS अफसर की सैलरी कितनी होती है?

नमस्कार दोस्तों, देश में भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का कई लोगो का सपना होता है। इस सेवा में जाने वाले अभियार्थी कुछ न कुछ ख्वाब लेकर तैयारी करते हैं। ऐसे ही कई लोगो के मन में इस परीक्षा को लेकर और इस परीक्षा के बाद को लेकर काफी सवाल होते हैं। 

हमारे इस लेख में आपको आज इसी के बारे में बताने जा रहे हैं की आईपीएस क्या होता हैं ? और आईपीएस की सैलरी कितनी होती हैं ? अगर आपको भी यह जानकारी जाननी हैं तो आप हमारे इस लेख को अंतिम तक जरुर पढ़े।

आईपीएस क्या होता हैं ? 

आपने अक्सर सुना होगा की Commissioner, DIG, IG, यह भी पुलिस महकमे के सबसे आला अधिकारी होते हैं। यह सभी एक आईपीएस ही होते हैं। भारत की तीन सबसे बड़ी सेवाओं में से एक यह भी केन्द्रीय सेवा होती हैं। 

देश में तीन केन्द्रीय सेवा भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा के साथ यह भी एक भारतीय पुलिस सेवा हैं। इस सेवा में आने के लिए लोगो को संघ लोक सेवा आयोग दुवारा आयोजित होने वाली परीक्षा में हिस्सा लेना होता हैं।

आईपीएस की सैलरी कितनी होती हैं ?

एक आईपीएस की सैलरी के बारे में हर कोई जानना चाहता हैं। एक आईपीएस की सैलरी एक नही बल्कि कई अलग – अलग फैक्ट्स पर निर्धारित होती है। इन सब के बारे में जानकारी कुछ इस प्रकार हैं। 

वर्तमान में चल रहे 7वें वेतन आयोग के अनुसार 56100 रूपये वेतन मिलता है। इस सैलरी के अलावा उन्हें और भी कई तरह की सुविधा दी जाती हैं। उन्हें महंगाई भत्ते समेत भी दिए जाते है। यह सैलरी एक आईपीएस ऑफिसर की शुरुआत में होती हैं। 

इसके बाद उनका जैसा ही परमोसन होता हैं और वो और भी उच्च पदों पर जाते हैं तो उनकी सैलरी में बढ़ोतरी होती हैं। डीजीपी की पोस्ट पर पहुचते – पहुचते एक आईपीएस अधिकारी की सैलरी 2 लाख से भी अधिक हो जाती हैं। एक आईपीएस ऑफिसर को सबसे ज्यादा सैलरी तब दी जाती हैं जब वो डीआईजी के पद पर पहुच जाता हैं। 

आईपीएस ऑफिसर को दी जाने वाली अन्य सुविधा

एक आईपीएस ऑफिसर को सैलरी के अलावा और भी कई तरह की सुविधा दी जाती हैं। एक आईपीएस ऑफिसर को उनकी पोस्टिंग स्थान पर एक घर दिया जाता हैं। इसके अलावा आईपीएस ऑफिसर को हाउस हेल्प, गाडी, ड्राईवर, सुरक्षा गार्ड इतियादी भी दिए जाते हैं। आईपीएस ऑफिसर को मेडिकल हेल्प, टेलीफोन इतियादी की सुविधा भी दी जाती हैं। यह सभी सुविधा एक आईपीएस ऑफिसर की दी जाती है।

आईपीएस कैसे बना जाता हैं ? 

आईपीएस बनने के लिए हर साल कई अभियार्थी आवेदन करते हैं और अपनी किस्मत आजमाते हैं। आईपीएस बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग दुवारा आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा में हिस्सा लेना होता हैं। इस परीक्षा को पास करने के लिए कई अलग – अलग प्रक्रियों से गुजरना होता हैं। 

आईपीएस बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग दुवारा आयोजित होंने वाली परीक्षा में हिस्सा लेना होता हैं। इस परीक्षा के मुख्य रूप से 3 चरण होते हैं। यह तीन चरण कुछ इस प्रकार हैं – 

प्रारंभिक परीक्षा – इस परीक्षा का सबसे पहला चरण होते हैं प्रारंभिक परीक्षा। इस परीक्षा में वे अभी अभियार्थी शामिल होते हैं जो इस परीक्षा के लिए आवेदन करते है। इस परीक्षा को प्री परीक्षा भी कहते हैं। यह एक ऑब्जेक्टिव परीक्षा होती हैं जिसमे 2 पेपर होते हैं। 

प्रारंभिक परीक्षा में एक पेपर तो सामान्य जीके का होता हैं जिसमे सभी विषयों का समायोजन होता हैं। इसके अलावा दूसरा पेपर होता हैं जिसमे रीजनिंग और सामान्य मैथ्स के सवाल पूछे जाते हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद आपको मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता हैं। 

मुख्य परीक्षा – प्रारंभिक परीक्षा को पास करने वाले अभियार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता हैं। इस परीक्षा में 9 पेपर होते हैं जो की सब्जेक्टिव होते हैं। इस परीक्षा में होने वाले पेपर सभी सब्जेक्टिव होते हैं जिसमे 2 ऑप्शनल विषय के पेपर होते हैं और 7 अनिवार्य विषय के जिसमे भी 2 क्वालीफाइंग पेपर होते हैं। 

इस परीक्षा में सभी पेपर अनिवार्य होते हैं। इस परीक्षा में वे सभी अभियार्थी बैठते हैं जो प्रारंभिक परीक्षा पास करते हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद अभियार्थी इंटरव्यू के लिए जाते हैं। 

मुख्य परीक्षा में परीक्षा के विषय – 

  • इस परीक्षा में 2 क्वालीफाइंग पेपर होते हैं जिन्हें केवल पास करना होता हैं। यह पेपर एक अंग्रेजी का और दूसरा किसी एक भारतीय भाषा का पेपर होता हैं। यह पेपर अनिवार्य होते हैं। 
  • इस परीक्षा में 4 पेपर विषय और सामान्य अध्यन पर निर्धारित होते हैं। यह पेपर इतिहास, अर्थशास्त्र, भूगोल, विज्ञान इतियादी विषय से जुड़े हुए होते हैं। इन सभी पेपर को आपको पास करना होता हैं। इन पेपर के नंबर मुख्य मेरिट लिस्ट में जुड़ते है। यह पेपर सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होते है इस परीक्षा के लिए। 
  • मुख्य परीक्षा में इस परीक्षा पेपर के साथ एक आप्शन विषय के भी 2 पेपर होते हैं। यह आप्शन विषय आप अपने हिसाब से ले सकते हैं। जो भी विषय आप पढना चाहते हैं या पढ़ कर इस एग्जाम को पास कर सकते हैं वो विषय ले कर इतिहास बना सकते हैं। इस एग्जाम को पास करना अपने आप में ही एक इतिहास बनाने जैसा हैं। 

साक्षात्कार – इस परीक्षा का सबसे अंतिम कदम होता हैं साक्षात्कार। इसमें वो सभी अभियार्थी होते हैं जो मुख्य परीक्षा पास करते हैं और इस चरण के लिए योग्य हो जाते हैं। इस अंतिम चरण में जो भी आपके नंबर आते हैं उसको मुख्य परीक्षा के साथ जोड़ा जाता हैं और उस नंबर के हिसाब और उनके आधार पर मेरिट तय की जाती हैं। 

आईपीएस का चयन

आईपीएस का चयन इस आधार पर होता हैं जब मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के नंबर जोड़े जाते हैं और उनके आधार पर अभियार्थियो की मेरिट और उनकी चॉइस के आधार पर ही निर्धारित किया जाता हैं की अभियार्थी को कौनसी पोस्ट मिलेगी। 

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अंतिम शब्द 

इस लेख में आपको आईपीएस क्या हैं ? और आईपीएस की सैलरी कितनी हैं ? इसके बारे में बताया गया है। उम्मीद हैं आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी।

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